E.h. Carr What Is History Pdf In Hindi Portable Now
की हिंदी पीडीएफ इंटरनेट पर विभिन्न स्रोतों पर उपलब्ध है। आर्काइव.ओआरजी (Archive.org) जैसी डिजिटल लाइब्रेरी पर भी इसकी प्रतियां मौजूद हैं। इसके अलावा, Open Library पर भी पुस्तक का हिंदी संस्करण "Itihas Kya Hai" के रूप में सूचीबद्ध है। हालांकि, पीडीएफ फाइलों की उपलब्धता और उनके कॉपीराइट (copyright) स्थिति की जांच करना हमेशा उचित होता है।
(1892-1982) एक ब्रिटिश इतिहासकार, पत्रकार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतकार थे। उन्हें तीन बातों के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है:
3. इतिहास, विज्ञान और नैतिकता (History, Science and Morality)
इतिहासकार का काम अतीत के पात्रों को व्यक्तिगत रूप से 'अच्छा' या 'बुरा' कहना नहीं है, बल्कि उनके कार्यों के सामाजिक प्रभावों को समझना है। e.h. carr what is history pdf in hindi
हिंदी माध्यम के छात्र अक्सर 'Objectivity' (निष्पक्षता) शब्द से भ्रमित होते हैं। कार ने इसे बहुत सुंदर ढंग से समझाया:
पुस्तक की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
कार ने तीन मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया: विज्ञान और नैतिकता (History
कुछ विद्वान इतिहास में आकस्मिक घटनाओं या संयोग (जैसे क्लियोपेट्रा की नाक की लंबाई ने इतिहास बदल दिया) को महत्व देते हैं। कार इसे पूरी तरह खारिज नहीं करते, लेकिन उनका मानना है कि संयोग इतिहास की मुख्य धारा को नहीं बदल सकते; वे केवल गति को धीमा या तेज कर सकते हैं।
के अन्य विचारकों (जैसे मार्क्स या टायनबी) के बारे में जानना चाहते हैं?
क्या आप के संदर्भ में इसके महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर ढूंढ रहे हैं? e.h. carr what is history pdf in hindi
यह कथन हमें याद दिलाता है कि हमें हर ऐतिहासिक दावे को उसके लेखक के दृष्टिकोण से परखना चाहिए। आज जब इतिहास को लेकर राजनीतिक बहसें आम हैं, कार की यह पुस्तक एक मार्गदर्शक की तरह है जो हमें सिखाती है कि इतिहास को एक स्थिर सत्य के रूप में नहीं, बल्कि एक तरल और व्याख्या के लिए खुले विषय के रूप में देखा जाना चाहिए।
(Society and Individual)
इतिहासकार वर्तमान का हिस्सा है और वह अतीत को वर्तमान की दृष्टि से देखता है। इसलिए, इतिहास हमेशा "वर्तमान की आंखों से देखा गया अतीत" होता है। वस्तुनिष्ठता (Objectivity):
कार इस दृष्टिकोण से सहमत नहीं हैं। उनके अनुसार, यह एक भ्रम है। उनका तर्क है कि इतिहासकार वह तथ्य चुनता है जो उसके अनुसार महत्वपूर्ण हैं। यह इतिहासकार ही है जो उन्हें चुनता है, उन्हें संदर्भ देता है और उनमें अर्थ भरता है।
इसका अर्थ है कि इतिहासकार वर्तमान में जी रहा होता है और वह वर्तमान के चश्मे से ही अतीत को देखता है। इसलिए, जैसे-जैसे वर्तमान बदलता है, अतीत को देखने का नजरिया और इतिहास की व्याख्या भी बदल जाती है।
